विराम चिन्ह किसे कहते हैं। Viram Chinh के प्रकारों की जानकारी – Viram Chinh in Hindi

आज के इस लेख में Viram Chinh (विराम चिन्ह) हिंदी व्याकरण का अंतिम भाग विराम-चिन्ह के बारे में बताया गया हैं। हमने अपने पिछले लेख में रस, छन्द और अलंकार के बारे में पढ़ा था। अगर आपने अभी तक उसे नहीं पढ़ा हैं तो इसे भी जरूर पढ़े।

आज के इस लेख में आप विराम चिन्ह क्या होता हैं।, विराम चिन्ह की परिभाषा और इसके कितने प्रकार होते हैं इत्यादि इन सभी चीजों के बारे में पढ़ेंगे।

Exclusive Amazon Offer!

Explore amazing deals today!

Click Here To Shop

Up to 50% off - Limited time only

Highlighting: यहाँ क्लिक करके, देखिए अमेज़ॉन में, आज का ऑफर 50% तक की छूट.

Table of Contents

Viram Chinh Kise Kahate Hain – विराम-चिन्ह की परिभाषा क्या होती हैं जाने हिंदी में

Viram-Chinh (विराम-चिन्ह ) – विरामों को प्रकट करने के लिए जिन चिन्हों को लिखते है या प्रयोग करते हैं , उन्हें विराम-चिन्ह कहा जाता है।

नोट: वाक्य को बोलते तथा लिखते समय एक ही गति से न लिख सकते हैं और न ही बोल सकते हैं। ‘वाक्य’ के बीच में कहीं-कहीं कुछ क्षणों के लिए रुकते हैं और वाक्य की समाप्ति पर भी रुकना पड़ता है। ऐसी रुकने को ‘विराम’ कहा जाता हैं।

Viram Chinh Kise Kahate Hain?
विराम चिन्ह किसे कहते हैं। Viram Chinh के प्रकारों की जानकारी – Viram Chinh in Hindi
विराम चिन्ह किसे कहते हैं। Viram Chinh के प्रकारों की जानकारी – Viram Chinh in Hindi

Viram Chinh in Hindi

Exclusive Amazon Offer!

Explore amazing deals today!

Click Here To Shop

Up to 50% off - Limited time only

Highlighting words: one, two, and another two.

विराम-चिन्हों के प्रकार – प्रमुख्य विराम चिन्ह और उनके प्रयोग:-

  • 1. लाघव चिन्ह (.) ➦ किसी शब्द को छोटा करके लिखने के लिए इस चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।

जैसे – डॉक्टर के लिए – डॉ. | घंटा के लिए – घं. | मिनट के लिए – मि. आदि।

  • 2. उद्धरण (” “) ➦ उद्धत या कथन को इस चिन्ह के बीच में रखा जाता है।

जैसे – तुम्हारी बातों को सुनकर वह बोली – “मैं सुकुमारी नाथ बनजोगु”।

  • 3. योजक (Hyphen) (-) ➦ दो शब्दों को जोड़ने के लिए योजक का प्रयोग किया जाता है।

जैसे ➦ धीरे-धीरे, रात-दिन, सुबह-शाम आदि।

  • 4 . प्रश्नवाचक चिन्ह (?) ➦ प्रश्नसूचक वाक्य के अंत में इस चिन्ह का प्रयोग होता है।

जैसे ➦ क्या तुम पढ़ते हो ?

5. अपूर्ण विराम (Colon) (:) ➦ जहाँ किसी बात का उत्तर या उदाहरण अगली पंक्ति में देना हो, वहाँ अपूर्ण विराम का प्रयोग होता हैं।

जैसे ➦ संज्ञा के निम्नांकित भेद हैं :

6. अर्थ विराम (Semi colon) (;) ➦ जहाँ अल्प विराम से कुछ अधिक रुकना पड़ता है, वहाँ अर्थ विराम का प्रयोग किया जाता हैं।

जैसे ➦ सूर्य निकला; पक्षी चहकने लगे, किसान भी खेतों की और चल पड़े।

7. अल्प विराम (Comma) (,) ➦ समान महत्व वाले कई शब्दों के एक साथ आने पर, उन्हें अलग करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता हैं।

जैसे ➦ राम, श्याम और मोहन स्कूल नहीं जाते हैं।

8. पूर्ण विराम (Fullstop) (।) ➦ वाक्य के पूरा होने पर पूर्ण विराम का प्रयोग किया जाता हैं।

जैसे ➦ राम किताब पढता है।

9. निर्देशक (-) ➦ किसी बात का उत्तर या उदाहरण आगे दिया जाना हो, तो इसका प्रयोग होता हैं।

जैसे ➦ रमन ने कहा –

10. कोष्ठक () ➦ प्रयोग किये शब्दों का अर्थ लिखने के लिए कोष्ठक का प्रयोग होता हैं।

जैसे ➦ शीत (ठंड) लगने से लोगों की जान चली गई।

11. विस्मयादिबोधक (!) ➦ हर्ष, विषाद, शोक, दुःख तथा सम्बोधन आदि प्रकट करने वाले शब्दों के बाद इस चिन्ह का प्रयोग किया जाता हैं।

जैसे ➦ अरे, बच्चों! शोर मत करो। आदि

अंतिम विचार – Final Thoughts

अगर आपको आज का यह लेख Viram Chinh in Hindi अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर जरूर करे।

यह भी पढ़े-

Share With Your Friends

Leave a Comment